Metanoia in your browser

A moment for
an honest reflection.

Take your time with these questions as you prepare for confession. Read through a commandment, or find a question you want to reflect on.

Completely free. No account. No responses or progress are collected or saved.

171 questions · 14 sections

01

आज्ञा 1

मैं प्रभु तेरा ईश्वर हूँ। प्रभु अपने ईश्वर की आराधना करना; उसे छोड़ किसी और की आराधना न करना।26 questions
  1. क्या आपने अन्य देवताओं के प्रति लगाव, आराधना, जादू-टोना, राशिफल, शकुन आदि में विश्वास किया है?

  2. क्या आपने ताबीज़, गंडा, मंत्र पढ़ा हुआ धागा आदि शरीर पर धारण किए हैं?

  3. क्या आप तांत्रिकों, ज्योतिषियों, ओझाओं, भविष्यवक्ताओं या किसी अन्य जादू-टोना करने वालों के पास गए हैं?

  4. क्या आपने ख्रीस्तीय विश्वास के विरुद्ध गैर-ख्रीस्तीय आध्यात्मिक पद्धतियों में भाग लिया है या उनमें विश्वास किया है?

  5. क्या आपने जादू-टोने से संबंधित कोई वस्तुएँ घर में या ज़मीन में दबाई हैं? क्या घर की सीमाओं पर कोई अभिचार करवाया है?

  6. क्या आपने पक्षी-शकुन, कौड़ी विचार, अंजन देखना (स्याही-दर्पण से भविष्य देखना), हस्तरेखा देखना, जन्मपत्री, राहुकाल, मुखलक्षण, वास्तु शास्त्र, भूत-प्रेत/जिन्न साधना, शैतान की पूजा आदि किया है?

  7. क्या आपने किसी को जादू-टोना करने के लिए प्रेरित किया है?

  8. क्या आपने मंदिर में मन्नतें चढ़ाई हैं? मूर्तियों की पूजा की है? मंदिरों की भस्म, फूल, जल, प्रसाद आदि का उपयोग किया है?

  9. क्या आपने अंधविश्वासों में विश्वास किया है? (उदा: बिल्ली का रास्ता काटना, छिपकली का गिरना, दाहिना पैर रखकर प्रवेश करना, अशुभ संख्याएँ, नज़र लगना आदि)

  10. क्या आपने ईश्वर पर भरोसा रखने के बजाय दर्शनों और भविष्यवाणी करने वालों के वचनों पर भरोसा किया है, या दूसरों को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है?

  11. क्या आपने संतों या अन्य किसी को ईश्वर से अधिक महत्त्व दिया है, या उनके बारे में अनादरपूर्वक बात की है?

  12. क्या आपने ईश्वर की प्रसन्नता से अधिक मनुष्यों की प्रसन्नता प्राप्त करने का प्रयास किया है? मनुष्यों को खुश करने के लिए ईश्वर को भुलाकर कार्य किया है?

  13. क्या आपमें ईश्वर में विश्वास की कमी या संस्कारों में अविश्वास है? क्या आपने नास्तिकता (Atheism) की बातें कही हैं या अपने विश्वास को खुलकर अंगीकार करने में असमर्थ रहे हैं?

  14. क्या आपने ईश्वर की करुणा पर अत्यधिक भरोसा करते हुए, 'बाद में पापस्वीकार कर लूँगा' की सोच से जानबूझकर पाप किया है?

  15. क्या विशेष महीनों और समयों को शुभ-अशुभ मानकर उन्हें अनुचित महत्व दिया है?

  16. क्या आपमें अहंकार, हठ, स्वार्थ, विलासिता का शौक, धनलोलुपता, भोजन की लालसा, सिनेमा का अत्यधिक शौक आदि है?

  17. क्या आप पद-प्रतिष्ठा की इच्छा रखते हैं? क्या नौकरी, पैसा, राजनीति आदि को ईश्वर से अधिक प्रेम करते हैं?

  18. क्या आपमें शराब, गाँजा, नशीली दवाइयाँ, धूम्रपान, तंबाकू, जुआ आदि की बुरी आदतें हैं? क्या आपने दूसरों को इनकी ओर आकर्षित किया है?

  19. क्या आपने ईश्वर की भलाइयों और आशीर्वादों के लिए उन्हें धन्यवाद नहीं दिया है? क्या ईश्वर द्वारा दी गई प्रतिभाओं को विकसित नहीं किया है?

  20. क्या आपका किसी के प्रति विशेष मोह है? क्या आपने ईश्वर से पहले किसी अन्य चीज़ (धन, व्यक्ति, प्रतिष्ठा, वस्त्र, शरीर, सौंदर्य, यश, नशा, सुख-सुविधाएँ, सत्ता, सम्मान, मित्र) को प्रथम स्थान दिया है?

  21. क्या आपने ईश्वर को पूरे हृदय से और पूरी शक्ति से प्रेम नहीं किया है?

  22. क्या आपने ईश्वर को समर्पित व्यक्तियों (पुरोहितों, धर्मबहनों) की प्रतिष्ठा को कलंकित किया है? क्या उन्हें उत्पीड़ित या अपमानित किया है?

  23. क्या आपने कलीसिया के विरुद्ध मुकदमे या विवाद किए हैं?

  24. क्या सोशल मीडिया, वीडियो गेम्स, इंटरनेट आदि के आदी होकर ईश्वर और परिवार को देने वाला समय बर्बाद किया है?

  25. क्या ईश्वर की संतान होने की पहचान से अधिक, ऑनलाइन स्वीकृति और लाइक्स में अपना मूल्य (Self-worth) खोजने का प्रयास किया है?

  26. क्या दैनिक कर्तव्यों और प्रार्थना को छोड़कर, अत्यधिक समय मोबाइल फोन और कंप्यूटर पर बिताया है?

02

आज्ञा 2

प्रभु अपने ईश्वर का नाम व्यर्थ न लेना।13 questions
  1. क्या आपने ईश्वर के पवित्र नाम पर झूठी शपथ ली है, अनावश्यक रूप से बार-बार कसम खाई है, या ईश्वर का नाम व्यर्थ में लिया है?

  2. क्या मन्नतें और शपथ ईश्वर की महिमा के लिए होते हुए भी, मानी हुई मन्नतें जानबूझकर पूरी नहीं की हैं, या दूसरों से पूरी करवाने के लिए मन्नत मानी है?

  3. क्या आपने ईश्वर को शाप दिया है? ईश्वर के बारे में अनादरपूर्वक बात की है?

  4. क्या ईशनिंदा से भरी फिल्में देखी हैं, गाने सुने हैं, या सोशल मीडिया पर ऐसे विचारों का प्रचार किया है?

  5. क्या झूठे मुकदमे दायर किए हैं? झूठी गवाही दी है (पुलिस थाने में, अदालत में)?

  6. क्या संतों और पवित्र वस्तुओं की निंदा की है?

  7. क्या ख्रीस्त के ईश्वरत्व को नकारने वाली शिक्षाओं का साथ दिया है, या येसु ख्रीस्त की साक्षी देने में लज्जा अनुभव की है?

  8. क्या येसु के वचनों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करने वालों की शिक्षाओं का अनुसरण किया है, या विश्वास के लिए हानिकारक उनकी प्रार्थना सभाओं में भाग लिया है?

  9. क्या आपने कहा है कि ईश्वर ही मेरी तबाही का कारण है?

  10. क्या वचन का दुरुपयोग, वचन की निंदा, वचन से घृणा, संदेश की गलत व्याख्या आदि किया है?

  11. क्या पवित्र ग्रंथ (बाइबल) का प्रतिदिन पठन और अध्ययन नहीं किया है?

  12. क्या झूठा पापस्वीकार किया है, पवित्र ग्रंथ की उपेक्षा की है?

  13. क्या अर्थहीन प्रार्थना की है, या ईश्वर के नाम पर अनावश्यक आडंबरपूर्ण उत्सव मनाए हैं?

03

आज्ञा 3

प्रभु का दिन पवित्र रखना।12 questions
  1. क्या रविवार और अनिवार्य पर्वों पर पवित्र बलिदान (मिस्सा) में पूरी तरह भाग नहीं लिया है, या जानबूझकर दिव्य बलिदान में उपस्थित नहीं हुए हैं?

  2. क्या पवित्र दिनों में अनावश्यक रूप से मज़दूरी का काम किया है, दूसरों से करवाया है, या निषिद्ध कार्यों में लगे हैं?

  3. क्या रविवार को अनावश्यक खरीदारी या व्यापार करके ईश्वर को देने वाले समय को लाभ के लिए उपयोग किया है?

  4. क्या बलिदान अर्पण के अनुकूल न होने वाले वस्त्र, व्यवहार या आचरण द्वारा किसी के लिए बलिदान में बाधा उत्पन्न की है?

  5. क्या विश्रामदिन (रविवार) को महत्व नहीं दिया है, या उस दिन ईश्वरीय कार्यों के लिए समय निकालने में उत्साह नहीं दिखाया है?

  6. क्या आपने परमप्रसाद अयोग्य रूप से (पाप की अवस्था में) ग्रहण किया है?

  7. क्या धन, योग्यता, स्वास्थ्य आदि अपनी ही बुद्धिमत्ता से प्राप्त हुए हैं ऐसा मानकर, ईश्वर की सर्वोच्चता को नकारा है?

  8. क्या व्यक्तिगत प्रार्थना में कमी की है? पारिवारिक प्रार्थना में सक्रिय रूप से भाग नहीं लिया है?

  9. क्या संस्कारों को बिना तैयारी, अयोग्य रूप से, बिना विश्वास के ग्रहण किया है?

  10. क्या गिरजाघर की पवित्रता को कलंकित करने वाला कोई कार्य किया है?

  11. क्या वचन प्रचार की अनुमति नहीं दी है? वचन प्रचारकों की निंदा की है?

  12. क्या ईश्वर को भुला दिया है, या उनसे ऊब महसूस की है, या उनकी परीक्षा ली है?

04

आज्ञा 4

माँ-बाप का आदर करना।17 questions
  1. क्या माता-पिता का सम्मान नहीं किया है, उनकी आज्ञा नहीं मानी है, उनसे प्रेम नहीं किया है?

  2. क्या माता-पिता को बातों से या कार्यों से दुखी किया है? उन्हें शाप दिया है?

  3. क्या उनकी बीमारी, कमज़ोरी और वृद्धावस्था में उनकी सेवा और सहायता नहीं की है?

  4. क्या बड़ों, अधिकारियों और गुरुजनों की आज्ञा नहीं मानी है?

  5. क्या मृतकों के लिए अपने कर्तव्य पूरे नहीं किए हैं?

  6. क्या जीवन साथी को शारीरिक रूप से पीड़ा दी है, अभद्र शब्द कहे हैं, या संदेह किया है?

  7. क्या ससुराल वालों की निंदा की है, या जीवन साथी को घर से निकाला है?

  8. क्या जीवन साथी की शारीरिक आवश्यकताओं को पूरा नहीं किया है, या दाम्पत्य धर्म के निर्वहन में कमी की है?

  9. क्या जीवन साथी को बच्चों और दूसरों के सामने अपमानित किया है?

  10. क्या जीवन साथी के प्रति निष्ठाहीन रहे हैं (विश्वासघात किया है), या उनके साथ लैंगिक उत्पीड़न किया है?

  11. क्या बच्चों को कठोर दंड दिया है, या सदा उनकी आलोचना की है? क्या बच्चों को प्रभु की शिक्षा और उपदेश में नहीं पाला है?

  12. क्या बच्चों के इंटरनेट और मोबाइल फोन उपयोग को नियंत्रित करने में और वे क्या देखते हैं इस पर ध्यान देने में कमी रही है?

  13. क्या अपने कार्यस्थल के प्रति वफ़ादारी और प्रेम नहीं रखा है?

  14. क्या कलीसिया, नैतिकता और जीवन की संस्कृति के विरुद्ध कार्य करने वाले राजनीतिक दलों को वोट या अन्य रूप से समर्थन दिया है?

  15. क्या दूसरों की असफलता में खुशी मनाई है? जिन्हें भलाई पाने का अधिकार था, उनसे वह अधिकार छीना है?

  16. क्या अधीनस्थ कर्मचारियों और बच्चों के साथ अशिष्टता से व्यवहार किया है और उनके व्यक्तित्व का सम्मान नहीं किया है?

  17. क्या भाई-बहनों के साथ पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया है?

05

आज्ञा 5

मनुष्य की हत्या न करना।16 questions
  1. क्या गर्भपात (Abortion) कराया है, उसकी तैयारी की है, उसमें सहयोग दिया है, या गोलियों या अन्य साधनों से शिशुओं को नष्ट करने के लिए दूसरों को प्रेरित किया है?

  2. क्या किसी की हत्या की है, चोट पहुँचाई है, उसके लिए षड्यंत्र रचा है, या किसी की मृत्यु का कारण बने हैं?

  3. क्या मानसिक रूप से विकलांग (Mentally challenged) और भिन्न रूप से सक्षम (Differently abled) व्यक्तियों के प्रति अनुकंपा नहीं दिखाई है?

  4. क्या दूसरों से घृणा की है, उन्हें पीड़ा दी है, द्वेष रखा है, या प्रतिशोध लिया है?

  5. क्या दूसरों की प्रतिष्ठा को कलंकित किया है, उनकी बदनामी की है, या उनका रिश्ता होने में रोड़ा डाला है (तय होता रिश्ता तुड़वाया है)?

  6. क्या गर्भपात के बाद प्रायश्चित्त नहीं किया है?

  7. क्या आत्महत्या का प्रयास किया है, आत्महत्या के लिए प्रेरित किया है, या दयामरण (Euthanasia) का समर्थन किया है?

  8. क्या स्वयं से घृणा की है, स्वयं की निंदा की है, या मर जाना ही अच्छा होता ऐसा सोचा है?

  9. क्या पक्षपात, ईर्ष्या, क्रोध, रंजिश, शत्रुता आदि मन में रखते हैं?

  10. क्या अभद्र भाषा बोलने की आदत है? क्या किसी को क्षमा करना शेष है?

  11. क्या शराब, धूम्रपान, नशीली दवाइयाँ, अत्यधिक काम, नींद की कमी आदि से अपने शरीर के स्वास्थ्य को हानि पहुँचाई है?

  12. क्या लापरवाही से वाहन चलाकर (Reckless Driving) अपने जीवन या दूसरों के जीवन को खतरे में डाला है?

  13. क्या प्लास्टिक, कचरा आदि लापरवाही से फेंककर या जलाकर पर्यावरण और दूसरों के स्वास्थ्य को हानि पहुँचाई है?

  14. क्या सहायता के पात्र भाई-बहन से मुँह मोड़ा है?

  15. क्या दूसरों का मज़ाक उड़ाकर आनंद लिया है, उन्हें हानि पहुँचाई है, धोखा दिया है, या पाप करने के लिए प्रेरित किया है?

  16. क्या नशे में वाहन चलाकर किसी के जीवन या स्वास्थ्य को हानि पहुँचाई है?

06

आज्ञा 6

व्यभिचार न करना।14 questions
  1. क्या मनुष्य की गरिमा को नष्ट करने वाले लैंगिक पापों (व्यभिचार, हस्तमैथुन, समलैंगिक कृत्य, पशुगमन आदि) में गिरे हैं, या विवाह से पहले या बाद में ऐसे पाप किए हैं?

  2. क्या पापमय चित्र, पुस्तकें, फिल्में देखी हैं, या मोबाइल फोन या इंटरनेट के माध्यम से अश्लील दृश्य (Pornography) देखकर आनंद लिया है?

  3. क्या कलीसिया द्वारा निर्धारित नैतिक नियमों के विरुद्ध कृत्रिम गर्भनिरोधक साधनों (Contraceptives) का उपयोग किया है, या नसबंदी द्वारा जन्म नियंत्रण किया है?

  4. क्या बातचीत, दृष्टि, हँसी, इशारों आदि से किसी अन्य व्यक्ति में कामवासना जगाई है, या दूसरों को ठोकर का कारण बने हैं?

  5. क्या सोशल मीडिया या फोन के माध्यम से अवैध चैटिंग (Sexting/Cyber-adultery) की है या अनुचित संबंध बनाए हैं?

  6. क्या भावनाओं को नियंत्रित न करके, उन्हें पाप की ओर भटकाकर उपयोग किया है?

  7. क्या बलात्कार किया है, या बच्चों का लैंगिक शोषण किया है?

  8. क्या पवित्र आत्मा के मंदिर (अपने शरीर) को स्वच्छ नहीं रखा है, और पवित्रता में बढ़ने का प्रयास नहीं किया है?

  9. क्या किसी अन्य पुरुष या स्त्री का ध्यान करते हुए दाम्पत्य संबंध में लगे हैं? क्या नशे में होकर दाम्पत्य धर्म का पालन किया है?

  10. क्या किसी अन्य के पारिवारिक जीवन को नष्ट किया है?

  11. क्या वस्त्र-धारण सहित बाहरी व्यवहार में दूसरों को ठोकर पहुँचाने वाले ढंग से व्यवहार किया है?

  12. क्या वैवाहिक बेवफ़ाई (विश्वासघात) द्वारा जीवन साथी को धोखा दिया है?

  13. क्या वैध विवाह-बंधन के रहते बिना किसी गंभीर कारण के तलाक लिया है, या बहुविवाह, लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in relationships) आदि में लिप्त रहे हैं?

  14. क्या जीवन साथी के अतिरिक्त किसी अन्य व्यक्ति के साथ अवैध भावनात्मक निकटता (Emotional infidelity) रखी है?

07

आज्ञा 7

चोरी न करना।16 questions
  1. क्या मज़दूरों को उचित वेतन समय पर नहीं दिया है, या उनके न्यायोचित लाभ से वंचित किया है?

  2. क्या सरकारी नियमों का पालन नहीं किया है, या करों (भूमि कर, आयकर) में धोखाधड़ी की है?

  3. क्या सामान, धन, नकली तौल, अनुचित मूल्य, अनुचित ब्याज, रिश्वत (Bribery) लेना या देना, धोखाधड़ी, नकल, कपट आदि किया है?

  4. क्या खाद्य पदार्थों में मिलावट करके, या निम्न गुणवत्ता की वस्तुएँ बेचकर दूसरों को धोखा दिया और उनके स्वास्थ्य को हानि पहुँचाई है?

  5. क्या सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट किया है?

  6. क्या दूसरों की संपत्ति हड़पी है, सीमा का पत्थर हटाकर बदला है, फ़र्ज़ी दस्तावेज़ बनाकर दूसरों की संपत्ति पर अनुचित कब्ज़ा किया है?

  7. क्या बीमा दावों, ऋणों आदि में धोखाधड़ी करके पैसा प्राप्त किया है?

  8. क्या कॉपीराइट (Copyright) वाली फिल्में, सॉफ्टवेयर, गाने आदि चुराए हैं (Piracy) या अनधिकृत रूप से उपयोग किए हैं?

  9. क्या समय का दुरुपयोग और धन की फिज़ूलखर्ची की है?

  10. क्या गरीबों की सहायता न करके, अनावश्यक चीज़ों पर पैसा बर्बाद किया है?

  11. क्या कोई ऋण चुकाना शेष है?

  12. क्या दूसरों का शोषण करके लाभ कमाया है, या गलत तरीकों से धन अर्जित किया है?

  13. क्या चोरी की है, उधार लिया हुआ वापस नहीं किया है, या मिली हुई वस्तुएँ लौटाई नहीं हैं?

  14. क्या निराश्रितों को न्याय से वंचित किया है?

  15. क्या अपने कार्य के प्रति ईमानदारी नहीं दिखाई है? क्या कार्य समय में सोशल मीडिया आदि का उपयोग करके समय बर्बाद किया है?

  16. क्या सरकार को देय कर नहीं चुकाए हैं, या पानी, बिजली, सार्वजनिक संपत्ति आदि की चोरी की है या उन्हें नष्ट किया है?

08

आज्ञा 8

झूठी गवाही न देना।12 questions
  1. क्या झूठ बोला है, झूठी गवाही दी है, या सत्य के विरुद्ध कार्य किया है?

  2. क्या दोष लगाना, झूठ बोलना, पक्षपात करना, आरोप लगाना, दुर्भावना, व्यर्थ बातें, परनिंदा आदि किया है?

  3. क्या व्हाट्सएप (WhatsApp), फेसबुक आदि के माध्यम से असत्य बातें (Fake News) फॉरवर्ड करके या कमेंट करके दूसरों की बदनामी की है?

  4. क्या मनगढ़ंत कहानियाँ फैलाते हैं?

  5. क्या सोशल मीडिया पर झूठी छवि (False image) बनाने और दूसरों की स्वीकृति पाने का अत्यधिक प्रयास किया है?

  6. क्या विश्वासघात किया है, या गुमनाम पत्र लिखे हैं?

  7. क्या चापलूसी की है?

  8. क्या वादे तोड़े हैं?

  9. क्या दूसरों के बारे में झूठी बातें फैलाई हैं (परनिंदा), या चुगली की है?

  10. क्या सच कह रहा हूँ के बहाने दूसरों की प्रतिष्ठा को कलंकित किया है, या सत्य छिपाकर बात की है?

  11. क्या झूठा पापस्वीकार किया है, या पापों को छिपाया है?

  12. क्या किसी को हानि पहुँचाने वाली गोपनीय जानकारी उजागर की है, या दूसरों की बातें छिपकर सुनी हैं?

09

आज्ञा 9

परस्त्री की कामना न करना।8 questions
  1. क्या कामुक दृष्टि से किसी अन्य स्त्री (या पुरुष) को देखा है?

  2. क्या किसी अन्य की पत्नी या पति को अपना बनाने की इच्छा (लालसा) रखी है?

  3. क्या जानबूझकर लैंगिक विचारों में लिप्त रहे हैं, या ऐसे दुर्विचारों को पोषित किया है?

  4. क्या इच्छित जीवन साथी न मिलने पर अत्यधिक दुखी हुए हैं?

  5. क्या प्रेम संबंधों, अवैध संबंधों में लिप्त रहे हैं या उनमें सहायता की है?

  6. क्या अत्यधिक दुःख, चिंता, भय, जानबूझकर भोजन न करना आदि से शरीर को पीड़ित किया है?

  7. क्या दूसरों का वैवाहिक जीवन टूटने की इच्छा रखी है?

  8. क्या दूसरों के जीवन साथी के गुणों की ही प्रशंसा करके और उन पर ध्यान लगाकर, अपने जीवन साथी की श्रेष्ठता को कम आँका है?

10

आज्ञा 10

पराये धन का लालच न करना।14 questions
  1. क्या दूसरों की संपत्ति, योग्यताओं या सौभाग्य से ईर्ष्या की है?

  2. क्या माता-पिता की संपत्ति के दस्तावेज़ों में परिवर्तन किया है?

  3. क्या चोरी में सहायता की है? कार्यों में अनुशासन का पालन नहीं किया है?

  4. क्या फसल नष्ट की है, संपत्ति को नुकसान पहुँचाया है? बेज़ुबान प्राणियों पर क्रूरता की है?

  5. क्या भाई-बहनों को उनके न्यायोचित अधिकारों (रास्ता, पेयजल, बिजली) से वंचित किया है?

  6. क्या अत्यधिक भोजन करते हैं? अपनी ज़िम्मेदारी से मुँह मोड़ा है?

  7. क्या आलस्य के कारण ईश्वर द्वारा दिए गए समय और अवसरों को बर्बाद किया है?

  8. क्या मनुष्यों की प्रसन्नता पाने की अत्यधिक लालसा है?

  9. क्या जो भलाई आप कर सकते थे, वह उसके हक़दार व्यक्ति के लिए करने से इनकार किया है?

  10. क्या भाई-बहनों का उचित अधिकार और न्याय जब छीना जा रहा था, तब उनके लिए आवाज़ न उठाकर अन्याय में सहभागी बने हैं?

  11. क्या भाई-बहनों की गलतियाँ सुधारने में विफल रहे हैं? बच्चों की गलतियों को उचित ठहराया है?

  12. क्या भाई-बहनों की उन्नति से बेचैन हुए हैं? जब वे दुखी होते हैं तो गुप्त आनंद अनुभव किया है?

  13. क्या धन और सांसारिक वस्तुओं के प्रति अत्यधिक लोभ (Greed) दिखाया है? विलासिता का शौक है?

  14. क्या दरिद्रों के प्रति करुणा नहीं दिखाई है, और प्राप्त उपकार के लिए कृतज्ञता व्यक्त नहीं की है?

11

कलीसिया की आज्ञाएँ

6 questions
  1. क्या वर्ष में कम से कम एक बार (वार्षिक पापस्वीकार) पापस्वीकार नहीं किया है, या पास्का काल में परमप्रसाद ग्रहण नहीं किया है?

  2. क्या शुक्रवार को माँस खाया है, या कलीसिया द्वारा निर्धारित दिनों (उपवास - राख बुधवार, पुण्य शुक्रवार) में निषिद्ध खाद्य पदार्थों से परहेज़ नहीं किया है?

  3. क्या चालीसा काल में विवाह का आयोजन किया है, कलीसिया द्वारा बहिष्कृत व्यक्तियों से विवाह किया है, या केवल रजिस्ट्री विवाह किया है?

  4. क्या कलीसिया और ईश्वर के सेवकों को देने योग्य चंदा, अंशदान और दशमांश नहीं दिया है?

  5. क्या दूसरों को केवल रजिस्ट्री विवाह के लिए प्रेरित किया है?

  6. क्या ख्रीस्तीय विश्वास दूसरों के साथ साझा करने या कलीसिया की वृद्धि के लिए प्रार्थना करने में आलस्य दिखाया है?

12

प्रधान पाप

7 questions
  1. क्या दूसरों से बड़ा हूँ ऐसा सोचकर अहंकार किया है (Pride)?

  2. क्या आध्यात्मिक कार्यों और कर्तव्यों में आलस्य दिखाया है (Sloth)?

  3. क्या भोजन-पेय में संयम न रखकर लोलुपता दिखाई है (Gluttony)?

  4. क्या पवित्रता के विरुद्ध शारीरिक वासनाओं के अधीन हुए हैं (Lust)?

  5. क्या दूसरों की भलाई और उन्नति से ईर्ष्या की है (Envy)?

  6. क्या अनियंत्रित क्रोध किया है और वैरभाव रखा है (Wrath)?

  7. क्या धन और सांसारिक वस्तुओं के प्रति अत्यधिक लालच रखा है (Greed)?

13

पवित्र आत्मा के विरुद्ध पाप

6 questions
  1. क्या ईश्वर की करुणा पर भरोसा न करके, मोक्ष नहीं मिलेगा ऐसी निराशा में पड़े हैं (Despair)?

  2. क्या मन परिवर्तन के बिना ही ईश्वर क्षमा कर देंगे ऐसी मिथ्या आशा रखी है (Presumption)?

  3. क्या धर्म के सत्यों को जानबूझकर नकारा और उनका विरोध किया है (Impugning the known truth)?

  4. क्या दूसरों को मिलने वाली आध्यात्मिक भलाइयों से ईर्ष्या की है (Envy of another's spiritual good)?

  5. क्या पाप के मार्ग छोड़ने को तैयार न होकर मन परिवर्तन में आलस्य दिखाया है (Obstinacy in sin)?

  6. क्या अंतिम समय में भी पश्चात्ताप न करके पाप में बने रहने का निर्णय लिया है (Final impenitence)?

14

स्वर्ग तक प्रतिशोध के लिए पुकारने वाले पाप

4 questions
  1. क्या जानबूझकर हत्या (Willful murder) की है?

  2. क्या प्रकृति विरुद्ध पापों अर्थात् समलैंगिक संबंधों (The sin of Sodom) में लिप्त रहे हैं?

  3. क्या अनाथों, विधवाओं और निराश्रितों को उत्पीड़ित किया है (Oppression of the poor)?

  4. क्या मज़दूरों को पर्याप्त मज़दूरी न देकर उनके साथ छल किया है (Defrauding laborers of their wages)?

Ready for the next step?

Find the confession steps, prayers and answers to common questions.

Read the guide

Examination text from Metanoia by HolyStack, reproduced unchanged. Licensed under CC BY-NC-ND 4.0.